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By - डाकिया विकाश आनंद
सम्राट अशोक के नाम से भला कौन नहीं वाकिफ होगा, सम्राट अशोक की दूरदर्शी नीतियों एवं कल्याणकारी प्रयासों की बदौलत पूरी दुनिया में अपने शासन नीति का डंका बजाने वाले महान प्रतापी राजा जिन्हें हम चक्रवर्ती सम्राट अशोक के नाम से जानते हैं। मौर्य साम्राज्य के सम्राट अशोक की जयंती 5 अप्रैल को मनाई जाती है। आज हम सम्राट अशोक के शासन काल के टॉप नौ सीक्रेट की बात करेंगे, जिनसे देश सोने की चिड़िया बना था और आप जानकर कह उठेंगे ओह माई गॉड। इस विषय पर कई लेखकों ने कई पुस्तकें लिखी। इनमें से एक अंग्रेज अधिकारी की पुस्तक का जिक्र नीचे किया गया है।
समस्त मानवता के प्रति ऐसे सजग और सतत मंगल मैत्री फ़ैलाने वाले, प्रकृति संरक्षक सम्राट अशोक महान के जयंती के पूर्व अनंत मंगलकामनाएं ! अशोक महान के व्यक्तित्व और कृतित्व के इस पहलू के बारे में शायद आपको न पता हो।
सम्राट अशोक की नौ व्यक्तियों की टॉप सीक्रेट सोसाइटी के बारे में कहते हैं कि इसमें अभी भी दुनिया को बदलने की ताकत है। यह सबसे पुराना गुप्त समाज भी है। पुरातत्वविद और विद्वानों का मानना है कि महान सम्राट के के शासनकाल में 9 कुछ खास प्रकार के विद्वान थे। जिनको अपने-अपने विषय में महारत हासिल थी। अब यह कहना मुश्किल है कि ऐसे ज्ञान और विद्वान दुनिया में बचे हैं।
- Talbot Mundy (1924) ने Nine Unknown लिखकर तहलका मचा दिया था। टालबोट मुंडी भारत में 25 वर्ष तक ब्रिटिश पुलिस का हिस्सा रहे थे। इस किताब को पढ़ने से पता चलता है कि मुंडी ने प्रचुर शोध और वैज्ञानिक जाँच के बाद इस किताब को लिखा है।
कलिंग युद्ध की विभीषिका और बौद्ध धम्म अपनाने के बाद सम्राट अशोक ने नौ लोगों की एक सीक्रेट सोसाइटी का गठन किया। इस ग्रुप के लोग अलग-अलग तबके, समाज व क्षेत्रों के थे। जिनमें हर कोई एक खास विधा में पारंगत था। इनके पास दुनिया के हर चीज की कुंजी थी। उन्हें इनके संरक्षण एवं संवर्धन की जिम्मेदारी के साथ ही कि उनको गलत हाथों में जाने से रोकने की यह हिदायत भी थी।
इस किताब में साफतौर पर लिखा है कि, आधुनिक संसार में ऐसे नौ अज्ञात लोग हैं, और वो किताबें भी जो ज्ञान व शक्ति का भंडार हैं। इन किताबों को वे लोग लगातार अपडेट कर रहे हैं। इन किताबों की विषयवस्तु इस प्रकार हैं-
1. प्रोपेगंडा और मनोवैज्ञानिक युद्ध
2. मनोविज्ञान
3. माइक्रोबायोलॉजी और बायोटेक्नोलॉजी
4. रसायन विद्या और धातुओं का रूपांतरण
5. एलियंस से संवाद
6. वैमानिकी तथा U.F.O. निर्माण
. समय यात्रा तथा ब्रम्हांड विज्ञान
8. प्रकाश की गति का नियंत्रण व इसका प्रयोग
9. समाजशास्त्र
फ्रेंच लेखक जैकोलियेत (1860) ने इस गुप्त समाज के बारे में लिखा था कि गुप्त अज्ञात नौ लोगों के पास ऊर्जा, विकिरण और मनोवैज्ञानिक युद्ध की प्रचुर जानकारियां हैं।
इस तरह की सीक्रेट सोसाइटी का होना और अब भी काम करना रोमांच पैदा करता है। कई सवाल अनुत्तरित जरुर हैं कि क्या इस सोसाइटी के सदस्य आपस में मिलते हैं? क्या इनमें आपस में विचार-विमर्श होता है? ये अगली पीढ़ी को अपना ज्ञान यानि किताब किस तरह सौंपते हैं? किन्तु अगर प्राचीन भारत के उन्नत ज्ञान, विज्ञान, चिकित्सा, रहस्य व समाज पर नजर डालें तो ऐसी सोसाइटी की मौजूदगी से इंकार नहीं किया जा सकता. अशोक महान के बाद भी सम्राट अकबर व कृष्ण देवराय आदि जनोपकारी सम्राटों द्वारा नौरत्नों, अष्टप्रधान के गठन को इसी परम्परा की नक़ल माना सकता है। कहते हैं कि जगदीश चन्द्र बोस भी इसी Nine Unknown का हिस्सा थे।
दो हजार सालों से अलग-अलग शाखाओं पर लिखी गयी इन किताबों को आज भी उनके सदस्य संभाल कर रखते हैं, समय के साथ प्रत्येक किताब में ज्ञान की मात्रा जबरदस्त तरीके से बढ़ी है।
सम्राट अशोक के बौद्ध होने और बौध धम्म के प्रचार-प्रचार की चर्चा प्रायः सभी लोग करते हैं। उन्होंने जनशिक्षा के लिए जितना महत्वपूर्ण काम किया, उतना विश्व के किसी राजा-महाराजा ने नहीं किया। उन्होंने कई शिक्षण संस्थान की स्थापना की। बौद्ध विहार वस्तुतः जनशिक्षा के अध्ययन-केंद्र ही थे। इसके अतिरिक्त नालंदा विद्यापीठ (दूसरी शताब्दी में पैदा हुए नागार्जुन यहाँ के कुलपति रहे थे), तेल्हाड़ा, उज्जैन, उदंतपुर, जगदलपुर, कश्मीर, विक्रमशिला आदि स्थानों पर विद्यापीठों की स्थापना करवाई।
क्रमशः..
लेखक- विकाश सिंह आनंद (काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्र)


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