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नेशनल इनोवेटर डे पर पढ़े माँ के लिए की गयी इनोवेशन की ये कहानी
मेरी मां को पैरालाइज अटैक पड़ा। वे चलने-फिरने में भी असमर्थ हो गईं। दैनिक कार्यों में भी उन्हें प्रॉब्लम होने लगी, तब मैंने उनके लिए बायोटायलेट चेयर तैयार की। इससे उन्हें नित्य कार्यों की परेशानी खत्म हुई। इस मोबाइल टायलेट है, जिसे कहीं भी लेकर जा सकता है। मेरे इस इनोवेशन को देश-दुनिया में सराहना मिली और मुझे विशाखापट्टनम में आयोजित इनोवेशन फेयर में इंटरनेशनल गोल्ड इनोवेशन अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र में इस डिजाइन पर बायो टॉयलेट लगाए जा रहे हैं। यह इनोवेशन कर दिखाया है शहर के जयसिंह नरवरिया ने। एेसे शहर में कई इनोवेटर हैं, जिन्होंने देश-दुनिया में ग्वालियर को पहचान दिलाई है।
कहीं भी लेकर जा सकते हैं मोबाइल टॉयलेट टॉयलेट चेयर सीनियर सिटीजन, हैंडीकैप, बैक बोन से पीडि़त पेशेंट्स के लिए अच्छा विकल्प है। इसमें न मल की बदबू आती है और न ही फेंकने की समस्या होती है। इनबिल्ट टैंक में मौजूद बैक्टीरिया मल को डाइजेस्ट कर देता है और सिर्फ पानी ही बाहर आता है। इसके लिए एक टोटी चेयर के पीछे लगाई गई है। इस पानी को गार्डन में यूज किया जा सकता है। इस चेयर को देश-दुनिया में पसंद किया गजा रहा है। इस पर जय सिंह को कई अवार्ड भी मिल चुके हैं। जयसिंह को इस इनोवेशन के लिए प्रोविजनल पेटेंट मिल चुका है। छह माह बाद फाइनल पेटंट हो भी हो जाएगा।
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