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By - हिंदी डाकिया
महाराष्ट्र में किसानों को उनके उत्पाद के कम भाव मिल रहे है। जिस वजह से किसानों में सरकार के प्रति रोष है। हाल ही में नाशिक जिले के किसान संजय साठे ने 750 किलो प्याज बेचे थे। बदले में उन्हें सिर्फ 1064 रुपये मिले। इसके बाद नाराज़ संजय ने 1064 रुपये को मनीआर्डर के जरिए प्रधानमंत्री राहत कोष में भेजवा दिया।
इसके बाद जो हुआ वो बेहद चौका देने वाला है। दैनिक भास्कर में छपी खबर के अनुसार पीएमओ ने संजय को मनीऑर्डर वापस भेजते हुए कहा कि वह किसी भी तरह मनीऑर्डर स्वीकार नहीं करते। अगर उन्हें पैसे भेजने ही हैं, तो वह आरटीजीएस (RTGS) या फिर अन्य ऑनलाइन ट्रांसफर माध्यम से पैसे भेजें।
PMO द्वारा मनीआर्डर नहीं स्वीकार करने से संजय काफी आहत है। उन्हें दुःख इस बात का नहीं है कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने मनीऑर्डर वापस किया बल्कि उन्हीं पैसों को डिजिटल सुविधा से भेजने के लिए कहाँ है।
अखबार के अनुसार संजय ने सोचा था कि उनके मनीऑर्डर भेजने से शायद सरकार किसानों का कुछ भला होगा।
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| संजय साठे |
फ़ोटो - दैनिक भास्कर
इस सीजन में उन्होंने 750 किलो प्याज़ उपजाई और उसे बेचने निफाड थोक बाजार गए। वहां पहले उन्हें 1 रुपये प्रति किलो की पेशकश की गई, लेकिन काफी मोलभाव के 1.40 रुपये प्रति किलोग्राम का सौदा तय हुआ और साठे को 750 किलोग्राम प्याज़ की फसल महज 1064 रुपये में बेचनी पड़ी।
अखबार में छपी खबर के अनुसार, चार महीने के परिश्रम की मुझे ये कीमत मिली। मैंने 1064 रुपये प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के आपदा राहत कोष में दान कर दिये हैं। मुझे वह राशि मनी ऑर्डर से भेजने के लिए 54 रुपये अलग से खर्च करने पड़े।
उन्होंने यह भी कहा था कि ‘मैं किसी राजनीतिक पार्टी का प्रतिनिधित्व नहीं करता, लेकिन दिक्कतों के प्रति सरकार की उदासीनता से नाराज हूं।'
उनके मनीऑर्डर भेजने की खबर आने के बाद पीएमओ सक्रिय हुआ था और बताया जाता है कि इस घटना की जांच के आदेश दिए गए थे।
बता दें कि महाराष्ट्र से लगातार ये ख़बरें आ रही हैं कि इस क्षेत्र में प्याज के किसान अपने उत्पाद को कम दाम में बेचने को मजबूर हैं।
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