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By - रणविजय
जी हां, अच्छे दिन आ गए, आ गए, आ गए और छा गए, छा गए, छा गए. पीटो ढोल-बांटो मिठाई.
मने अच्छे दिन का आलम ये है कि योगी की वर्ल्ड क्लास पुलिस बेटी को पढ़ने से रोकने में लगी है. क्योंकि 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' का नारा पाकिस्तान में दिया गया है और हम भारतवासी उसका विरोध कर रहे हैं.
लेकिन ये मूर्ख बालिका पूजा शुक्ला लखनऊ विश्वविद्यालय में एडमिशन की मांग कर रही है और इसे लेकर भूख हड़ताल कर रही है. इसे शायद नहीं पता कि अखण्ड भारत का एजेंडा साफ है. इसके तहत बेटियां घरों में रोटी बनाएंगी और बेटे सड़कों पर मोरल पुलिसिंग का काम करेंगे. लेकिन इसे एडमिशन मांगता है.
इस लिए योगी की जबराट पुलिस पूरे लाव लश्कर के साथ इनको समझाने पहुंची और धरना स्थल से उठाकर सीधे हवालात में पहुंचा दिया. जब तबीयत बिगड़ी तो अस्पताल पहुंचा दिया.
मतलब आप अच्छे दिनों को देखिए. एक लड़की को हवालात, अस्पताल और इससे पहले जेल तक की सैर करा दी गयी. वो भी फ्री, फ्री और फ्री में. हां बस शिक्षा वाला कोटा लड़कियों के लिए फुल है. वहां एंट्री होना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है.
खैर, पूजा लड़ रही है. अपने लिए, अपने जैसों के लिए. अच्छे दिनों के धुएं को काटते आगे बढ़ रही है. भूख के बाद प्यास की जंग के साथ. क्योंकि न्यू इंडिया की ये बेटी अखण्ड भारत में पढ़ कर मानेगी. और कोई PM, CM या DM ये होने से रोक न पायेगा.
पूजा शुक्ला का पहला अपराध- योगी को काले झंडे दिखाने का महापाप.
दूसरा अपराध- 'ऊपर के दबाव' में रोके गए PG एडमिशन रिजल्ट को जारी करने की मांग.
तीसरा अपराध- इस मांग के साथ भूख हड़ताल करना.


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