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By - सूरज मौर्य
डक की उत्पत्ति डक्स एग (duck's egg) से हुई है। दरअसल डक मने बत्तख का अंडा बिल्कुल शून्य के आकार का होता है इसलिए क्रिकेट में शून्य के निजी स्कोर पे ऑउट होने वाले बल्लेबाज़ के लिए डक का ही प्रयोग कमेंटेटर से लेकर समाचार पत्र करते है। अमेरिका में बेसबॉल में डक की बजाय गूज एग तो टेनिस में इसके लिए लव का इस्तेमाल होता है जिसकी उत्पत्ति फ्रेंच के लोआफ़ (l'oeuf) से हुई।
डक्स एग का इस्तेमाल पेशेवर अंन्तर्राष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट से भी पूर्व प्रिन्स ऑफ़ वेल्स एडवर्ड 6 के लिए समकालीन इंग्लिश समाचार पत्र ने किया था। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए पहले ही अंन्तर्राष्ट्रीय टेस्ट मुक़ाबले में इंग्लैंड के नेड ग्रेगरी को जेम्स लिलीवाइट ने शून्य पे मने डक ऑउट किया था।
अपनी पहली ही गेंद पर शून्य के स्कोर पर ऑउट हो जाने वाले बल्लेबाज़ के लिए 'गोल्डेन डक' शब्द का किया जाता है। भारत के सफलतम कप्तानों में से एक महेंद्र सिंह धोनी अपने पहले ही मैच में बांग्लादेश के खिलाफ़ गोल्डेन डक ऑउट हो गए थे। इसके अलावा दूसरी गेंद पर शून्य के निजी स्कोर पे ऑउट होने वाले बल्लेबाज़ के लिए सिल्वर डक और तीसरी गेंद पे शून्य पे ऑउट होने वाले बल्लेबाज के लिए ब्रॉन्ज़ डक का उपयोग किया जाता है।
बिना एक भी गेंद खेले शून्य पे आउट होने वाले बल्लेबाज़ के लिए डायमंड डक का उपयोग किया जाता है। जब ओपनर बल्लेबाज़ पारी की पहली ही गेंद पे बिना खाता खोले ऑउट हो जाता है तो इसे रॉयल डक या प्लेटिनम डक कहा जाता है। टेस्ट मैच की दोनों पारियों में बिना खाता खोले ऑउट होने वाले बल्लेबाज़ के लिए पेअर जबकि पहली ही बॉल पे दोनों पारियों में बिना खाता खोले ऑउट होने वाले बल्लेबाज़ के लिए किंग्स पेअर का प्रयोग किया जाता है।
अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक 43 बार डक ऑउट होने का रिकार्ड वेस्टइंडीज के महान गेंदबाज कोर्टनी वॉल्श के नाम है जबकि प्रथम श्रेणी क्रिकेट में इंग्लैंड के खिलाड़ी रेग पर्क्स 156 बार डक आउट हुए है। श्रीलंका के दिग्गज ओपनर मर्वन अटापट्टू एक ओपनर के तौर पर सर्वाधिक 22 बार डक ऑउट हुए है जो कि एक विश्व रिकॉर्ड है, यही नहीं वो अपनी शुरूआती 6 पारियों में से 5 पारियों में डक ऑउट हुए थे।
भारत के पूर्व तेज गेंदबाज अजीत अगारकर के बार-बार शून्य पे ऑउट होने के कारण उन्हें बॉम्बे डक कहा जाता है। क्रिकेट जगत की सार्वकालिक महान हस्ती सर डॉन ब्रेडमैन अपने आखिरी मैच की पहली पारी में एलिक होलीज की गेंद पे डक आउट हो गए थे जिससे उनका औसत 101.39 से खिसक कर 99.94 पर आ गया था। वरना वो एकमात्र खिलाड़ी होते जिसका औसत टेस्ट क्रिकेट में सौ पार रहता।

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