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बीजेपी ने सोशल मीडिया का शातिराना इस्तेमाल करना अब
लगभग सभी पार्टियों को सिखा दिया है। इस के लिए बीजेपी का शुक्रिया कहा जा सकता है। उनकी ही टीचरी में निकले लड़के अब इन्ही की ऑनलाइन आबरू से खेल रहे हैं।
ज्यादा दिन नही हुए, मुझे फेक न्यूज से लेकर बीजेपी के रिपुटेशन मैनेजमेंट तक का कोई तोड़ दूसरी पार्टियों के पास नही दिख रहा था। अब पिछले एक साल से कांग्रेस ने इस सेक्शन में ठीक -ठाक घुसपैठ कर ली है। ऐसी तमाम साइट दिखने लगी है जो खबरों की व्याख्याओं के सहारे नई नकारात्मक खबरे बना कर भाजपा की छवि पर हमला कर रही हैं। इसका प्रभाव गुजरात चुनाव पर भी पड़ना लाजिमी है, जहां फिलहाल सोशल मीडिया वार में कांग्रेस भाजपा से काफी आगे दिख रही है।
यह हमला काफी रचनात्मक है। कई बार लगता है कि यह काम एक ही तरह के लोग कर रहे हैं। जो लड़के भाजपा के लिए डिजिटल कैम्पेन चला रहे होंगे , वे ऊब कर अब दूसरी तरफ आ गए हैं।
कैम्पेनिंग की दुनिया मे रिपुटेशन मैनेजमेंट प्रतिबद्धता से ज्यादा पैसे का खेल है। हाल ही में एनडीटीवी ने इसका एक स्टिंग भी किया है। दरअसर भाजपा के आईटी सेल ने शातिर दिमागों की एक बड़ी फौज तैयार कर दी है। इन्ही लड़को की ट्रेनिंग में नई कैम्पेन कम्पनियां फल - फूल कर अब दूसरी पार्टिया को काम देख रही है।
लोकतंत्र के लिहाज से यह बहुत घटिया किस्म का रोजगार है। हमारे लोकतंत्र की चालक शक्ति देश की पार्टियां होती है। यदि उन्हीने ही इसे बढ़ावा दिया है तो वो इसके अंजाम भी भुगतने के लिए तैयार रहें।
By- Ashutosh Tiwari
Photo credit - Social Samosa.com
Photo credit - Mumbai live


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